चार साल तक बेटे का इंतजार करती रही मां, आखिर इंतजार ही बन गया उसकी आखिरी कहानी
दुःखद • बीमारी की सूचना पर भी मां को देखने तक नहीं आया
मीटिंग के बहाने वृद्धाश्रम में छोड़ गया
4 साल बेटे की राह तकते थम गई सांसें
जिस मां ने बेटे को जन्म दिया, लाड़-प्यार से पाल-पोसकर काबिल बनाया, बड़ा होकर वही बेटा मां को वृद्धाश्रम में छोड़कर चला गया। बेटे ने आश्रम वालों को बताया कि उसकी दो दिन जरूरी मीटिंग है। मां को रख लीजिए, आकर ले जाऊंगा। मां ने खाना नहीं खाया और 24 घंटे बेटे को याद करती रही, लेकिन बेटा पांच साल तक मां को देखने नहीं पहुंचा। 10 अगस्त को वृद्धा की तबीयत बिगड़ी, इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। आश्रम को उम्मीद थी कि शायद मां की मौत की खबर सुनकर बेटा आएगा। बेटे ने वॉट्सऐप मैसेज देखा, लेकिन मां का अंतिम संस्कार तक नहीं किया।
मां की संपत्ति बेचकर हमेशा के लिए चला गया
8 जनवरी 2022 को 85 वर्षीय सरिता नारखड़े का बेटा स्वप्निल नारखड़े पितृ पर्वत स्थित निराश्रित सेवा आश्रम लेकर आया था। संचालक ने बताया, मां को यहां छोड़ने के बाद बेटे ने फोन बंद कर लिया। फिर मंदसौर में उनकी संपत्ति बेचकर गायब हो गया। ऐसा कोई दिन नहीं गया जब वृद्धा ने बेटे को याद न किया हो।
रिश्ता नहीं किया। शव तीन दिन लावारिस पड़ा रहा। फिर आश्रम संचालक यशा पाराशर ने वृद्धा का अंतिम संस्कार कर दिया।
Comments
Post a Comment